हरियाणा, 10 अक्टूबर 2025। IPS Suicide: हरियाणा के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी वाई. पूरन कुमार की आत्महत्या ने पूरे देश को झकझोर दिया है। दलित समुदाय से ताल्लुक रखने वाले इस अधिकारी ने अपनी जान देकर जातिगत भेदभाव और उच्च अधिकारियों के उत्पीड़न का खुलासा किया है। घटना के तीन दिन बाद चंडीगढ़ पुलिस ने गुरुवार देर रात उनकी पत्नी आईएएस अमनीत पी. कुमार की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की।
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सुसाइड नोट को आधार बनाकर आत्महत्या के लिए उकसाने और एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। नोट में पूरन कुमार ने 15 आईएएस-आईपीएस अधिकारियों को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया, साथ ही सीनियर अफसरों पर गंभीर आरोप लगाए। अमनीत कुमार ने इसे सुसाइड नहीं, बल्कि सुनियोजित हत्या करार दिया।
हरियाणा के दलित IPS अफ़सर पूरण कुमार जी को अपनी जाति को लेकर इतना उत्पीड़न झेलना पड़ा कि उन्होंने आत्महत्या कर ली। दोषी लोगों को जल्द से जल्द सख़्त से सख़्त सज़ा मिलनी चाहिए।
देश के मुख्य न्यायाधीश पर जूता फेंका गया तो इनके ट्रोल सोशल मीडिया पर दलितों को बेइज्जत कर रहे हैं,… pic.twitter.com/YJOPwph3xG
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) October 10, 2025
मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान उन्होंने कहा, “फाइनल नोट में सब साफ है। सभी आरोपी अफसरों के खिलाफ तत्काल एफआईआर, गिरफ्तारी और निलंबन की कार्रवाई होनी चाहिए।” उन्होंने पति के उत्पीड़न का जिक्र करते हुए कहा कि जाति के कारण उन्हें लगातार अपमानित किया गया, जो अब दलित समुदाय के लिए एक बड़ा मुद्दा बन गया है।इस मामले ने राजनीतिक हलचल मचा दी है।
आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने लिखा, “हरियाणा के दलित आईपीएस अफसर पूरन कुमार को अपनी जाति को लेकर इतना उत्पीड़न झेलना पड़ा कि उन्होंने आत्महत्या कर ली। दोषियों को सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए।” आगे उन्होंने देश के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) पर जूते फेंकने की घटना का जिक्र करते हुए कहा, “इनके ट्रोल सोशल मीडिया पर दलितों को बेइज्जत कर रहे हैं, बाबा साहब अंबेडकर तक को गालियां दे रहे हैं।
आज भारत को ये लोग कहां ले आए हैं?” केजरीवाल का यह बयान भाजपा सरकार पर सीधा हमला है, जो दलित अधिकारों पर सवाल खड़े करता है। कांग्रेस ने भी सरकार को घेरा। पूर्व मंत्री राज कुमार वेरका ने चेतावनी दी, “हरियाणा सरकार दलितों के नाम पर मगरमच्छ के आंसू बहा रही है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं कर रही। अगर तुरंत एक्शन नहीं लिया गया, तो पूरे देश का दलित समुदाय बड़ा आंदोलन छेड़ देगा।”
वेरका ने कहा कि यह घटना दलितों के खिलाफ व्यवस्थित साजिश का प्रमाण है, और सरकार की उदासीनता असहनीय है।पूरन कुमार, जो हरियाणा पुलिस में डीआईजी रैंक के अधिकारी थे, ने अपने नोट में वर्क कल्चर में व्याप्त भ्रष्टाचार, जातिवाद और मानसिक प्रताड़ना का जिक्र किया। उन्होंने लिखा कि सीनियर अफसरों ने उन्हें प्रमोशन से वंचित रखा और लगातार अपमानित किया।
यह मामला अब न केवल हरियाणा, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर बहस का विषय बन गया है। दलित संगठन सड़कों पर उतरने की तैयारी में हैं, जबकि विपक्ष सरकार से त्वरित न्याय की मांग कर रहा है। क्या यह घटना जातिगत असमानता के खिलाफ नया आंदोलन ट्रिगर करेगी? समय ही बताएगा, लेकिन पूरन कुमार की मौत ने समाज के एक काले अध्याय को उजागर कर दिया है।
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