रामपुर, 8 अक्टूबर 2025। Akhilesh-Azam Meeting: समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मंगलवार को रामपुर पहुंचकर वरिष्ठ नेता एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान से करीब दो साल बाद मुलाकात की। यह मुलाकात न केवल राजनीतिक, बल्कि भावनात्मक स्तर पर भी महत्वपूर्ण साबित हुई।
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मुलाकात के बाद अखिलेश ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर तीन तस्वीरें साझा करते हुए शायराना अंदाज में लिखा, “क्या कहें भला उस मुलाक़ात की दास्तान। जहाँ बस जज़्बातों ने खामोशी से बात की।” यह शायरी सोशल मीडिया पर वायरल हो गई और सपा समर्थकों में उत्साह भर दिया।

मुलाकात आजम खान के आवास पर हुई, जहां अखिलेश ने उनके स्वास्थ्य और हालचाल का जायजा लिया। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा, “आजम खान साहब हमारी पार्टी के दरख्त हैं। उनकी गहरी जड़ें और साया हमेशा हमारे साथ रहा है। वे पार्टी की धड़कन हैं।” अखिलेश ने पुराने समाजवादियों का जिक्र करते हुए जोर दिया कि नेताजी (मुलायम सिंह यादव) के साथी नेताओं की बातों का अलग महत्व होता है।
क्या कहें भला उस मुलाक़ात की दास्तान
जहाँ बस जज़्बातों ने खामोशी से बात की pic.twitter.com/uHFxDoKDTw— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) October 8, 2025
उन्होंने 2027 के विधानसभा चुनावों का जिक्र करते हुए कहा, “2027 में हमारी सरकार बनने वाली है। पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) की आवाज बुलंद होगी।” बीजेपी सरकार पर निशाना साधते हुए अखिलेश ने आरोप लगाया कि आजम खान और उनके परिवार पर झूठे मुकदमे थोपे गए हैं। “सभी झूठे मुकदमे वापस होंगे। इंसाफ होगा,” उन्होंने वादा किया।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि समय की कमी के कारण वे आजम खान से जेल में नहीं मिल सके, लेकिन अब सब कुछ ठीक है। मुलाकात के दौरान समर्थक बाहर इंतजार करते रहे, जबकि अंदर दिल से दिल की बात हुई। सपा नेता ने कहा कि आजम खान एक बार फिर पार्टी के संघर्ष में सक्रिय होंगे।यह मुलाकात सपा की एकजुटता का प्रतीक बनी।
आजम खान की हालिया रिहाई के बाद यह पहली बड़ी मुलाकात थी, जो पार्टी के लिए नई ऊर्जा का संचार कर रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह पीडीए फॉर्मूले को मजबूत करेगी। अखिलेश की शायरी ने न केवल भावुकता जगाई, बल्कि सियासी संदेश भी दिया कि सपा सामाजिक न्याय के लिए लड़ती रहेगी।
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