Home » देश » Trump Tariffs: ट्रंप के टैरिफ को ठेंगा, अमेरिकी दवा कंपनी भारत में करेगी एक अरब डॉलर का निवेश

Trump Tariffs: ट्रंप के टैरिफ को ठेंगा, अमेरिकी दवा कंपनी भारत में करेगी एक अरब डॉलर का निवेश

Share :

Trump Tariffs

Share :

अमेरिका 6 अक्टूबर 2025। Trump Tariffs: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नई टैरिफ नीतियों के बीच एक बड़ी अमेरिकी कंपनी ने भारत को प्राथमिकता देते हुए बड़ा निवेश घोषित किया है। मशहूर दवा कंपनी एली लिली एंड कंपनी (Eli Lilly & Co.) ने सोमवार को ऐलान किया कि वह आने वाले वर्षों में भारत में 1 अरब डॉलर से अधिक का निवेश करेगी। यह निवेश मुख्य रूप से स्थानीय दवा निर्माताओं के साथ अनुबंध विनिर्माण (कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग) को बढ़ावा देने के लिए किया जाएगा, जिससे भारत में उत्पादन क्षमता का विस्तार होगा।

इसे भी पढ़ें-  UP International Trade Show: अमेरिकी टैरिफ युद्ध का नहीं पड़ेगा असर, UP इंटरनेशनल ट्रेड शो में निर्यातकों को मिले 3500 करोड़ के ऑर्डर

यह कदम ट्रंप प्रशासन द्वारा फार्मास्यूटिकल आयात पर लगाए गए 100 प्रतिशत टैरिफ के बावजूद लिया गया है, जो अमेरिकी कंपनियों के लिए भारत जैसे बाजारों से आयात को महंगा बनाता है। एली लिली, जो डायबिटीज दवा माउंजारो (Mounjaro) की निर्माता है, का यह फैसला वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने की दिशा में एक रणनीतिक कदम है। कंपनी के अनुसार, भारत की बढ़ती स्वास्थ्य सेवा मांग और मजबूत विनिर्माण क्षमता ने इस निवेश को आकर्षित किया है।

ट्रंप के टैरिफ, जो अगस्त 2025 से लागू हुए, अमेरिकी फार्मा उद्योग को घरेलू उत्पादन की ओर धकेलने का प्रयास हैं, लेकिन एली लिली ने इसे नजरअंदाज कर भारत पर दांव लगाया है। कंपनी के प्रवक्ता ने कहा, “भारत में हमारी साझेदारियां न केवल लागत प्रभावी हैं, बल्कि गुणवत्ता और नवाचार को बढ़ावा भी देती हैं।” यह निवेश भारत के फार्मा सेक्टर को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा, जहां पहले से ही 20 प्रतिशत से अधिक वैश्विक जेनेरिक दवाओं का उत्पादन होता है। ट्रंप की नीति का उद्देश्य अमेरिकी नौकरियों की रक्षा करना है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि इससे वैश्विक व्यापार में जटिलताएं बढ़ेंगी।

एली लिली का कदम अन्य अमेरिकी कंपनियों के लिए एक उदाहरण साबित हो सकता है। उदाहरण के लिए, हाल ही में एप्पल ने ट्रंप की आलोचना के बाद अमेरिका में 100 अरब डॉलर का निवेश बढ़ाया था, लेकिन भारत में उत्पादन जारी रखा। इसी तरह, अमेज़न और गूगल जैसी टेक कंपनियां भी टैरिफ के बावजूद भारत में निवेश कर रही हैं। भारत सरकार ने इस घोषणा का स्वागत किया है, जो ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को मजबूत करेगी।

यह निवेश न केवल आर्थिक रूप से फायदेमंद है, बल्कि स्वास्थ्य क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देगा। माउंजारो जैसी दवाओं की मांग भारत में तेजी से बढ़ रही है, जहां डायबिटीज के 10 करोड़ से अधिक मरीज हैं। एली लिली का भारत फोकस टैरिफ युद्ध में एक सकारात्मक संदेश देता है कि व्यापारिक बाधाएं रुकावट नहीं बन सकतीं। आने वाले समय में यह निवेश हजारों नौकरियां पैदा करेगा और भारत को वैश्विक फार्मा हब के रूप में स्थापित करेगा। कुल मिलाकर, ट्रंप के टैरिफ अमेरिकी कंपनियों को रोक नहीं पा रहे, बल्कि भारत जैसे उभरते बाजारों की ताकत को रेखांकित कर रहे हैं।

इसे भी पढ़ें- Trump Tariffs: दवाओं पर 200% टैरिफ, ट्रंप की नीति से दवा की कीमतों में इजाफा, बढ़ी अमेरिकियों की चिंता

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement
News Portal Development Services in Uttar Pradesh
Cricket Score
सबसे ज्यादा पड़ गई
Share Market

शहर चुनें

Follow Us