आगरा, 26 सितंबर 2025। Communal Tension In UP: उत्तर प्रदेश में ‘आई लव मोहम्मद’ पोस्टर को लेकर शुरू हुआ विवाद अब आगरा तक फैल चुका है, जहां मंटोला इलाके में आक्रोश की लहर दौड़ गई है। यह मामला कानपुर से 4 सितंबर को बारावफात के जुलूस के दौरान भड़का था। रावतपुर के सैय्यद नगर में बिना अनुमति के जुलूस निकाला गया और सड़क किनारे टेंट पर ‘आई लव मोहम्मद’ का पोस्टर लगा दिया गया। कुछ हिंदू संगठनों ने इसे नई परंपरा थोपने का प्रयास बताते हुए विरोध जताया। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने हस्तक्षेप किया, पोस्टर हटवाए और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने के आरोप में 25 युवकों पर FIR दर्ज की। CCTV फुटेज से आठ आरोपियों की पहचान हो चुकी है।
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इसके बाद विवाद ने जोर पकड़ लिया। कानपुर के शारदा नगर में मुस्लिम समुदाय ने FIR रद्द करने की मांग को लेकर जुलूस निकाला। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में पोस्टर थामे नारे लगाए और पुलिस कार्रवाई को साजिश करार दिया। बागपत के रटौल में भी बिना अनुमति जुलूस निकालने पर 150 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ, चार गिरफ्तार हो चुके हैं। एक सैलून पर पोस्टर लगाने पर युवक ने इसे फाड़ दिया, जिससे हंगामा मच गया। एसपी सूरज कुमार राय ने शांति की अपील की।

आगरा के मंटोला इलाके में यह विवाद पहुंचते ही तनाव चरम पर पहुंच गया। स्थानीय मुस्लिम समुदाय ने पोस्टर लगाने की कोशिश की, लेकिन विरोध के बाद आक्रोश फैल गया। लोग सड़कों पर उतर आए, नारेबाजी हुई और स्थिति संवेदनशील हो गई। पुलिस ने तुरंत अलर्ट जारी कर फोर्स तैनात की, सोशल मीडिया पर निगरानी बढ़ाई। आगरा एसएसपी ने कहा कि किसी भी प्रकार की उकसावे वाली गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मंटोला जैसे संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल लगाया गया है, ताकि कोई अप्रिय घटना न हो।
विवाद अब यूपी के कई जिलों में फैल चुका है। बरेली के किला थाना क्षेत्र में पोस्टर हटवाने पर पुलिस से टकराव हो गया। मौलाना डॉ. नफीस ने पुलिसकर्मी को धमकी दी, जिसके बाद वह फरार हैं। उन्नाव में प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया, पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। वाराणसी में जवाबी कार्रवाई में ‘आई लव महादेव’ पोस्टर लगाए गए, जबकि उज्जैन में ‘आई लव महाकाल’ के पोस्टर दिखे, जिन्हें पुलिस ने हटा दिया। उत्तराखंड, महाराष्ट्र और गुजरात तक विरोध प्रदर्शन पहुंच चुके हैं।

राजनीतिक बयानबाजी ने आग में घी डाला है। मुस्लिम संगठनों का कहना है कि पोस्टर धार्मिक प्रेम का प्रतीक है, जबकि विपक्ष इसे साजिश बता रहा है। पुलिस ने सभी जिलों में अलर्ट जारी किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो विवाद को हवा दे रहे हैं। यूपी सरकार ने शांति समितियों की बैठकें बुलाई हैं। यह विवाद सांप्रदायिक सद्भाव के लिए खतरा बन रहा है, इसलिए सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की जा रही है। यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो बड़े बवाल की आशंका है।
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