Home » ताजा खबरें » उत्‍तर प्रदेश » Varanasi-Ghazipur Four-Lane: वाराणसी-गाजीपुर फोरलेन में करोड़ों का भुगतान, फिर भी नहीं खत्म हुई दरारें

Varanasi-Ghazipur Four-Lane: वाराणसी-गाजीपुर फोरलेन में करोड़ों का भुगतान, फिर भी नहीं खत्म हुई दरारें

Share :

Varanasi-Ghazipur Four-Lane:

Share :

वाराणसी, 25 सितंबर 2025। Varanasi-Ghazipur Four-Lane: वाराणसी-गाजीपुर फोरलेन सड़क परियोजना, जो उत्तर प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली थी, अब अपनी खराब गुणवत्ता और रखरखाव की कमी के कारण चर्चा में है। इस सड़क के निर्माण और मरम्मत के लिए सरकार द्वारा करोड़ों रुपये का भुगतान किया जा चुका है, लेकिन सड़क की सतह पर दरारें और गड्ढे अभी भी यात्रियों के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं।

इसे भी पढ़ें- सीएम योगी का बड़ा फैसला, प्रदेश भर 22,468 करोड़ की लागत से बनेंगी सड़कें और पुल  

यह सड़क न केवल स्थानीय लोगों के लिए आवागमन का प्रमुख साधन है, बल्कि यह क्षेत्र के आर्थिक विकास के लिए भी महत्वपूर्ण है। फिर भी, इसकी स्थिति यात्रियों और स्थानीय निवासियों के लिए निराशाजनक बनी हुई है। जानकारी के अनुसार, इस फोरलेन सड़क के निर्माण और रखरखाव के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा ठेकेदारों को भारी-भरकम राशि दी गई है। इसके बावजूद, सड़क की गुणवत्ता में कोई सुधार नहीं हुआ है।

Varanasi-Ghazipur Four-Lane

कई जगहों पर सड़क की सतह पर गहरी दरारें और उखड़े हिस्से देखे जा सकते हैं, जो दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के मौसम में स्थिति और खराब हो जाती है, क्योंकि सड़क पर पानी जमा होने से गड्ढे और गहरे हो जाते हैं। यह सवाल उठता है कि इतने बड़े बजट के बावजूद सड़क की स्थिति क्यों नहीं सुधर रही?

विशेषज्ञों का मानना है कि ठेकेदारों द्वारा निम्न गुणवत्ता वाली सामग्री का उपयोग और निर्माण कार्य में लापरवाही इसका प्रमुख कारण है। इसके अलावा, परियोजना की निगरानी और जवाबदेही की कमी भी इस समस्या को बढ़ा रही है। एनएचएआई पर सवाल उठ रहे हैं कि ठेकेदारों की जवाबदेही तय करने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं। स्थानीय निवासियों और व्यापारियों ने इस मुद्दे पर कई बार शिकायत दर्ज की है, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। सड़क की खराब स्थिति के कारण वाहनों को नुकसान, आवागमन में देरी और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है।

लोगों का कहना है कि यह सड़क क्षेत्र के विकास का प्रतीक बनने के बजाय अब लापरवाही और भ्रष्टाचार का उदाहरण बन चुकी है। इस समस्या के समाधान के लिए एनएचएआई को तत्काल कदम उठाने की जरूरत है। ठेकेदारों पर सख्ती, गुणवत्ता की जांच और नियमित रखरखाव सुनिश्चित करना होगा। साथ ही, परियोजना की पारदर्शिता बढ़ाने के लिए जनता को भी जानकारी दी जानी चाहिए। यदि समय रहते सुधार नहीं हुआ, तो यह सड़क यात्रियों के लिए और भी खतरनाक साबित हो सकती है।

इसे भी पढ़ें- Mumbai Monorail: 3000 करोड़ की लागत, फिर भी बार-बार खराबी, क्यों नाकाम रही यह परियोजना?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement
News Portal Development Services in Uttar Pradesh
Cricket Score
सबसे ज्यादा पड़ गई
Share Market

शहर चुनें

Follow Us