लखनऊ, 24 सितंबर 2025। UP Elections: उत्तर प्रदेश में आगामी पंचायत और विधानसभा चुनावों में धांधली को रोकने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने कड़े कदम उठाए हैं। बिहार में लागू किए गए सख्त तंत्र को आधार बनाते हुए यूपी में भी विशेष जांच रिपोर्ट (SIR) प्रणाली को अपनाया जाएगा। इस प्रणाली के तहत मतदान प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए बूथवार मैपिंग की जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची में गड़बड़ी, फर्जी वोटिंग और अन्य अनियमितताओं को रोकना है।
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निर्वाचन आयोग ने बिहार में SIR के सफल प्रयोग को देखते हुए इसे यूपी में लागू करने का निर्णय लिया है। SIR के तहत संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी की जाएगी और बूथ स्तर पर हर गतिविधि का बारीकी से विश्लेषण किया जाएगा। इसके लिए प्रत्येक मतदान केंद्र की मैपिंग की जा रही है, जिसमें मतदाता सूची, बूथ की भौगोलिक स्थिति, और संभावित जोखिम क्षेत्रों की पहचान शामिल है। यह प्रक्रिया सुनिश्चित करेगी कि मतदान के दौरान कोई भी अनधिकृत गतिविधि न हो।
यूपी में बूथवार मैपिंग का कार्य तेजी से चल रहा है। इसके तहत संवेदनशील और अति-संवेदनशील मतदान केंद्रों को चिह्नित किया जा रहा है। इन क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए जाएंगे और विशेष निगरानी टीमें गठित की जाएंगी। बिहार मॉडल की तरह, यूपी में भी प्रत्येक बूथ पर सीसीटीवी कैमरे और वीडियोग्राफी की व्यवस्था होगी, ताकि मतदान प्रक्रिया की पारदर्शिता बनी रहे।निर्वाचन आयोग ने यह भी निर्देश दिया है कि SIR के आधार पर शिकायतों का त्वरित निपटारा किया जाएगा।
मतदाता सूची में फर्जी नाम, दोहरे मतदान, या किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की शिकायत मिलने पर तुरंत जांच शुरू होगी। इसके लिए जिला स्तर पर विशेष जांच टीमें गठित की गई हैं, जो मतदान से पहले और बाद में सक्रिय रहेंगी।इस पहल से यूपी में निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव कराने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। बिहार की तरह यूपी में भी इस प्रणाली से धांधली पर प्रभावी अंकुश लगने की उम्मीद है। मतदाताओं में भी इस कदम से विश्वास बढ़ेगा और लोकतंत्र की मजबूती सुनिश्चित होगी।
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