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Oath Ceremony: सीपी राधाकृष्णन ने भारत के 15वें उपराष्ट्रपति के रूप में ली शपथ, पीएम मोदी और धनखड़ भी रहे मौजूद

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CP Radhakrishnan

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  • राष्ट्रपति भवन में आयोजित भव्य शपथ ग्रहण समारोह
  • राधाकृष्णन की जीत ने दक्षिण भारत में बीजेपी की रणनीति को दी मजबूती

नई दिल्ली 12 सितंबर 2025। Oath Ceremony: भारत के 15वें उपराष्ट्रपति के रूप में चंद्रपुरम पोनुस्वामी राधाकृष्णन (सीपी राधाकृष्णन) ने 12 सितंबर, 2025 को राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक भव्य समारोह में शपथ ग्रहण की। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा सहित राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के कई वरिष्ठ नेता और विपक्ष के कुछ प्रमुख चेहरे मौजूद रहे। यह समारोह देश की संवैधानिक गरिमा और संसदीय परंपराओं को दर्शाता रहा।

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राधाकृष्णन की शपथ ग्रहण से पहले 9 सितंबर को हुए उपराष्ट्रपति चुनाव में उन्होंने शानदार जीत हासिल की थी। उन्होंने एनडीए के उम्मीदवार के रूप में 452 वोट प्राप्त किए, जबकि विपक्षी इंडिया गठबंधन के उम्मीदवार और पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज बी. सुदर्शन रेड्डी को 300 वोट मिले। इस जीत ने बीजेपी के दक्षिण भारत, खासकर तमिलनाडु में प्रभाव को और मजबूत करने की रणनीति को बल दिया, क्योंकि राधाकृष्णन तमिलनाडु से हैं और लंबे समय से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और बीजेपी से जुड़े रहे हैं।

CP Radhakrishnan

राधाकृष्णन का राजनीतिक सफर चार दशकों से अधिक का है। 16 साल की उम्र में आरएसएस से जुड़ने वाले राधाकृष्णन ने 1998 और 1999 में कोयंबटूर से लोकसभा सांसद के रूप में जीत हासिल की थी। उन्होंने तमिलनाडु बीजेपी के अध्यक्ष के रूप में भी कार्य किया और 19,000 किलोमीटर की रथ यात्रा का नेतृत्व किया, जिसमें नदियों को जोड़ने, आतंकवाद उन्मूलन और समान नागरिक संहिता जैसे मुद्दों को उठाया गया। इसके अलावा, उन्होंने झारखंड, तेलंगाना, पुडुचेरी और महाराष्ट्र के राज्यपाल के रूप में भी अपनी सेवाएं दीं। शपथ से पहले उन्होंने महाराष्ट्र के राज्यपाल पद से इस्तीफा दे दिया था।

शपथ ग्रहण समारोह में पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ की मौजूदगी चर्चा का विषय रही। धनखड़ ने जुलाई 2025 में स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद यह चुनाव जरूरी हो गया था। धनखड़ ने राधाकृष्णन को बधाई देते हुए कहा कि उनके अनुभव से उपराष्ट्रपति का पद और सम्मानित होगा। प्रधानमंत्री मोदी ने भी राधाकृष्णन की जीत पर उन्हें बधाई दी और विश्वास जताया कि वह संवैधानिक मूल्यों को मजबूत करेंगे और संसदीय चर्चा को समृद्ध करेंगे।

राधाकृष्णन ने शपथ के बाद अपने संबोधन में कहा कि वह राष्ट्र के विकास और ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य के लिए सभी के साथ मिलकर काम करेंगे। उनकी यह जीत बीजेपी के लिए दक्षिण भारत में अपनी पैठ बढ़ाने का एक रणनीतिक कदम माना जा रहा है, खासकर 2026 में होने वाले तमिलनाडु विधानसभा चुनावों के मद्देनजर। समारोह में उपस्थित नेताओं ने उनके नेतृत्व में संसदीय लोकतंत्र के और सुदृढ़ होने की उम्मीद जताई।

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