लखनऊ, 5 सितंबर 2025। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने राज्य को वैश्विक निवेश का केंद्र बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सरकार की ‘चीन प्लस वन’ रणनीति के तहत 200 से अधिक अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के साथ बातचीत चल रही है, जो उत्तर प्रदेश में निवेश करने की इच्छा जता रही हैं। इन कंपनियों में अमेरिका, जर्मनी, जापान, चीन, फ्रांस, स्विट्जरलैंड, डेनमार्क और स्पेन की प्रमुख फर्में शामिल हैं। इस पहल से न केवल राज्य में औद्योगिक विकास को गति मिलेगी, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
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उत्तर प्रदेश सरकार ने वैश्विक निवेशकों को आकर्षित करने के लिए कई प्रभावी कदम उठाए हैं। बेहतर कनेक्टिविटी, मजबूत कानून-व्यवस्था और निवेशक-अनुकूल नीतियों ने राज्य को निवेशकों की पहली पसंद बनाया है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट और अन्य समान आयोजनों के माध्यम से उत्तर प्रदेश को वैश्विक मंच पर एक आकर्षक निवेश स्थल के रूप में प्रस्तुत किया गया है। सरकार का लक्ष्य विदेशी पूंजी को आकर्षित कर राज्य को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में स्थापित करना है। इसके लिए भारतीय दूतावासों और वैश्विक संस्थाओं के साथ मिलकर काम किया जा रहा है, ताकि इन अवसरों को वास्तविक निवेश में बदला जा सके।
‘चीन प्लस वन’ रणनीति के तहत उत्तर प्रदेश सरकार ने अमेरिका की 30 से अधिक, जर्मनी की लगभग 30, जापान की 20, चीन की 14, स्विट्जरलैंड और फ्रांस की 7-7, डेनमार्क की 6 और स्पेन की 5 कंपनियों से बातचीत की है। इन कंपनियों को निवेश के लिए प्रोत्साहित करने के लिए सरकार विशेष देश-विशिष्ट डेस्क और टीमें स्थापित करने की योजना बना रही है। यह रणनीति वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में विविधता लाने और चीन पर निर्भरता कम करने की वैश्विक कंपनियों की मंशा को भुनाने का प्रयास है।

निवेशकों के बढ़ते भरोसे का नतीजा यह है कि उत्तर प्रदेश तेजी से एक ग्लोबल निवेश गंतव्य के रूप में उभर रहा है। सरकार ने भारत सरकार की प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) स्कीम के तहत 574 परियोजनाओं में से 70 को पहले ही उत्तर प्रदेश में स्थापित किया है, जबकि 11 नई परियोजनाओं पर काम चल रहा है। इसके अलावा, 20 कंपनियों ने राज्य सरकार के साथ प्रत्यक्ष समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इन निवेशों से न केवल औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि युवाओं के लिए लाखों रोजगार के अवसर भी उत्पन्न होंगे।
उत्तर प्रदेश सरकार ने नवंबर 2025 से फरवरी 2026 के बीच तीसरे ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट और पांचवें ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी (GBC) की योजना बनाई है। इसका लक्ष्य 88 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों को आकर्षित करना और 33 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाओं को धरातल पर उतारना है। इन प्रयासों से उत्तर प्रदेश न केवल भारत, बल्कि वैश्विक स्तर पर एक औद्योगिक शक्ति के रूप में उभर रहा है।
योगी सरकार की दूरदर्शी नीतियों और सक्रिय दृष्टिकोण ने उत्तर प्रदेश को निवेशकों के लिए एक आकर्षक गंतव्य बनाया है। ‘चीन प्लस वन’ रणनीति और निवेशक-अनुकूल माहौल के बल पर राज्य नई ऊंचाइयों को छूने के लिए तैयार है। यह पहल न केवल आर्थिक विकास को गति देगी, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार की नई संभावनाएं भी खोलेगी।
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