मुंबई, 19 अगस्त 2025। मुंबई की एक जेल में डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल (डीआईजी) के आकस्मिक निरीक्षण के दौरान उस समय हड़कंप मच गया, जब जेल के मुख्य द्वार पर भारी मात्रा में नकदी बरामद हुई। डीआईजी की टीम ने नियमित जांच के दौरान गेट पर संदिग्ध परिस्थितियों में रखी गई नकदी को जब्त किया, जिसके बाद जेल प्रशासन में अफरा तफरी का माहौल बन गया।
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सूत्रों के अनुसार, यह नकदी जेल के अंदर अवैध गतिविधियों से जुड़ी हो सकती है, जिसके चलते अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। जेल प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से इस मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में पता चला कि नकदी का संबंध कैदियों या जेल कर्मचारियों से हो सकता है, जो नियमों का उल्लंघन कर नकदी रख रहे थे।
जेल नियमों के अनुसार, कैदियों को नकदी रखने की अनुमति नहीं है, और वे केवल कूपन के माध्यम से जेल कैंटीन से सामान खरीद सकते हैं। डीआईजी ने इस मामले में जेलर, डिप्टी जेलर और अन्य कर्मचारियों की भूमिका की जांच के आदेश दिए हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह नकदी जेल में कैसे पहुंची। इस घटना ने जेल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
अधिकारियों का कहना है कि यह एक गंभीर चूक है, और यदि इसमें कर्मचारियों की मिलीभगत पाई गई, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। जांच के लिए एक विशेष समिति गठित की गई है, जो इस मामले की तह तक जाएगी। इस बीच, जेल में सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। यह घटना तब सामने आई, जब मुंबई भारी बारिश के कारण पहले ही चर्चा में थी। बारिश के बीच इस खबर ने जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। स्थानीय लोग और विशेषज्ञ इस मामले में पारदर्शी जांच की मांग कर रहे हैं।
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