नई दिल्ली, 18 अगस्त 2025। Cyber Fraud: फेसबुक पर बढ़ता साइबर अपराध: महिलाओं की फर्जी प्रोफाइल और लुभावने ऑफर से सतर्क रहेंलेख:देहरादून में साइबर ठगी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, खासकर फेसबुक, ठगों का पसंदीदा शिकार बन गया है। हाल के दिनों में, फर्जी प्रोफाइल और लुभावने ऑफर के जरिए लोगों को ठगने की घटनाएं सामने आई हैं।
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खास तौर पर, महिलाओं की फर्जी प्रोफाइल बनाकर ठग लोगो को अपने जाल में फंसा रहे हैं। यह न केवल व्यक्तिगत सुरक्षा के लिए खतरा है, बल्कि आर्थिक नुकसान का भी बड़ा कारण बन रहा है।साइबर अपराधी आमतौर पर आकर्षक तस्वीरों और फर्जी नामों के साथ प्रोफाइल बनाते हैं। ये प्रोफाइल अक्सर महिलाओं के नाम पर होती हैं, ताकि लोग आसानी से भरोसा कर लें। इसके बाद, वे दोस्ती का प्रस्ताव भेजते हैं और बातचीत शुरू करते हैं। धीरे-धीरे, ये ठग भावनात्मक रिश्ते बनाने का नाटक करते हैं या फिर लुभावने ऑफर जैसे सस्ते सामान, निवेश योजनाएं या नकली लॉटरी के जरिए लोगों को लालच देते हैं।
एक बार जब पीड़ित उनके जाल में फंस जाता है, तो वे पैसे की मांग करते हैं या व्यक्तिगत जानकारी चुरा लेते हैं। देहरादून पुलिस के अनुसार, इस तरह की ठगी के शिकार ज्यादातर वे लोग बन रहे हैं जो ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर अजनबियों पर जल्दी भरोसा कर लेते हैं। हाल ही में एक मामले में, एक स्थानीय निवासी ने फेसबुक पर एक महिला की प्रोफाइल से दोस्ती की, जिसने बाद में निवेश के नाम पर उनसे लाखों रुपये ठग लिए। ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहां लोग अपनी मेहनत की कमाई गंवा चुके हैं।
ठगी से बचने के उपाय
अजनबियों से सावधान रहें: फेसबुक पर अनजान लोगों से दोस्ती करने से पहले उनकी प्रोफाइल की अच्छी तरह जांच करें। अगर प्रोफाइल नई है या उसमें सीमित जानकारी है, तो सतर्क रहें।
लुभावने ऑफर से बचें
कोई भी ऑफर जो बहुत अच्छा लगे, उस पर तुरंत भरोसा न करें। निवेश या लॉटरी जैसे प्रस्तावों की पुष्टि हमेशा आधिकारिक स्रोतों से करें।
व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें
अपने बैंक खाते, पासवर्ड, या अन्य संवेदनशील जानकारी को कभी भी ऑनलाइन साझा न करें।
साइबर क्राइम हेल्पलाइन पर संपर्क करें
अगर आपको ठगी का शक हो, तो तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें।
दो-कारक प्रमाणीकरण (2FA)
अपने सोशल मीडिया और बैंक खातों में दो-कारक प्रमाणीकरण को सक्रिय करें, ताकि अनधिकृत पहुंच से बचा जा सके।
देहरादून पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे साइबर ठगी के प्रति जागरूक रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना दें। इसके अलावा, नियमित रूप से साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि लोग इन खतरों से बच सकें।आज के डिजिटल युग में, जहां सोशल मीडिया हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा है, वहां सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। फेसबुक जैसे प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल सतर्कता के साथ करें और अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता दें। जागरूकता और सही जानकारी ही साइबर ठगी से बचाव का सबसे बड़ा हथियार है।








