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पीएम मोदी की मालदीव यात्रा: द्विपक्षीय संबंधों में नई ऊर्जा, 8 अहम समझौतों पर हस्ताक्षर

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मालदीव के 60वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और इस ऐतिहासिक यात्रा के दौरान भारत और मालदीव के बीच बहुआयामी संबंधों को और मजबूती मिली। पीएम मोदी और मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू के बीच हुई उच्चस्तरीय मुलाकात में कर्ज, फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA), मत्स्य पालन, वॉटर एग्रीकल्चर, डिजिटल परिवर्तन, फार्माकॉपिया और UPI समेत कुल 8 द्विपक्षीय समझौतों पर हस्ताक्षर हुए।

इस मुलाकात ने दोनों देशों के रिश्तों को एक नई दिशा दी है, खासकर उस समय जब पिछले साल नवंबर 2023 में मुइज्जू के “इंडिया आउट” अभियान के बाद द्विपक्षीय रिश्तों में तनाव आ गया था। पीएम मोदी ने स्पष्ट कहा कि भारत और मालदीव की दोस्ती हमेशा “उज्ज्वल और स्पष्ट” रहेगी, चाहे हालात कैसे भी हों। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि महामारी या किसी भी आपदा के समय भारत हमेशा मालदीव का पहला साथी बना रहा है। इस अवसर पर मालदीव सरकार ने भारत-मालदीव रिश्तों के 60 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में एक विशेष डाक टिकट भी जारी किया।

प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा के दौरान भारत ने ₹4,850 करोड़ (565 मिलियन अमेरिकी डॉलर) की ऋण सहायता की घोषणा की है, जिसका उपयोग मालदीव के बुनियादी ढांचे के विकास में किया जाएगा। यह फंडिंग पूरी तरह से मालदीव की प्राथमिकताओं के अनुसार परियोजनाओं पर खर्च होगी। राष्ट्रपति मुइज्जू ने भारत को मालदीव का सबसे करीबी और भरोसेमंद साझेदार बताया और कहा कि यह सहयोग सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा, व्यापार और नागरिक जीवन के हर पहलू तक फैला है।

मुइज्जू ने यह भी बताया कि हर दिन सैकड़ों मालदीववासी चिकित्सा, शिक्षा और व्यापार के लिए भारत जाते हैं और मालदीव में बसे भारतीय प्रवासियों को भी देश में गर्मजोशी से स्वीकार किया जाता है क्योंकि वे मालदीव की अर्थव्यवस्था और समाज में मूल्यवान योगदान दे रहे हैं।

विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने जानकारी दी कि भारत द्वारा दी गई लोन सहायता से मालदीव के भारत को दिए जाने वाले सालाना ऋण भुगतान में 40% की कमी आएगी। इसके अलावा दोनों देशों के बीच बिलेट्रल इन्वेस्टमेंट ट्रीटी को जल्द ही अंतिम रूप दिया जाएगा और फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर औपचारिक बातचीत शुरू हो चुकी है।

पीएम मोदी की यह यात्रा इस बात का प्रमाण है कि भारत अपने पड़ोसियों के साथ विश्वास, विकास और स्थायित्व पर आधारित मजबूत साझेदारी के लिए प्रतिबद्ध है।

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