बिहार के पूर्णिया जिले से दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। जिले के रानीपतरा थाना क्षेत्र के टेटगामा गांव में एक ही परिवार के पांच लोगों की बेरहमी से हत्या कर दी गई। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। मृतकों में 65 साल के बाबू लाल उरांव, उनकी पत्नी सीता देवी (60), बेटा मंजीत उरांव (25), बहू रानी देवी (22), और बाबू लाल की मां कातो मोस्मात (75) शामिल हैं।
बताया जा रहा है कि इन सभी की पहले बेरहमी से पिटाई की गई और फिर उन्हें जला दिया गया। इतना ही नहीं, हत्यारों ने शवों को एक पोखर के पास गाड़ दिया ताकि कोई सुराग न मिल सके। लेकिन पुलिस ने समय रहते कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में इन तीनों ने अपना जुर्म कबूल भी कर लिया है।
इस वारदात में शवों को ले जाने के लिए इस्तेमाल किया गया ट्रैक्टर भी पुलिस ने बरामद कर लिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पूर्णिया की एसपी स्वीटी सहरावत ने जांच के लिए विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया है। इस टीम का नेतृत्व सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी कर रहे हैं और साथ में कई अनुभवी अधिकारी भी तैनात किए गए हैं।
पुलिस ने अब तक इस मामले में 23 लोगों को नामजद किया है और 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने पोस्टमार्टम की प्रक्रिया विशेष मेडिकल बोर्ड की निगरानी में, दंडाधिकारी की मौजूदगी और वीडियोग्राफी के साथ पूरी करवाई। इसके बाद सभी शवों का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
घटनास्थल पर फॉरेंसिक टीम भी पहुंच चुकी है और वहां से सबूतों को इकट्ठा किया गया है। वहीं, बाकी बचे आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी जारी है। पुलिस इस हत्याकांड को जल्द से जल्द सुलझाने के लिए पूरी ताकत से लगी हुई है।
यह घटना न सिर्फ पूर्णिया, बल्कि पूरे बिहार के लोगों को झकझोर कर रख देने वाली है। सवाल ये उठता है कि आखिर किस वजह से इतने बड़े पैमाने पर ये हत्या की गई और कौन हैं वो लोग जो इस जघन्य अपराध में शामिल थे? जवाब मिलने तक लोगों के दिलों में डर और गुस्सा दोनों बना रहेगा।








