नई दिल्ली, 10 अक्टूबर 2025। 2029 Elections: दिल्ली की जीवनरेखा मानी जाने वाली यमुना नदी लंबे समय से प्रदूषण की चपेट में है, लेकिन अब केंद्र सरकार ने इसे साफ करने का एक ठोस लक्ष्य निर्धारित कर दिया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 9 अक्टूबर 2025 को दिल्ली में एक महत्वपूर्ण समारोह के दौरान घोषणा की कि 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले यमुना नदी को पूरी तरह स्वच्छ कर दिया जाएगा।
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यह वादा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में तैयार की गई व्यापक योजना का हिस्सा है, जो नदी के पुनरुद्धार को सुनिश्चित करेगा। शाह ने दिल्ली जल बोर्ड की 19 महत्वाकांक्षी परियोजनाओं का उद्घाटन किया, जिनकी कुल लागत 1,816 करोड़ रुपये है। इन परियोजनाओं में कोंडली, केहरीपुर, रोहिणी, कोरोनेशन पिलर, नरेला, यमुना विहार और नजफगढ़ जैसे क्षेत्रों में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का विस्तार और निर्माण प्रमुख है।

इसके अलावा, सिरसपुर तथा अन्य स्थानों पर जलाशयों और पंपिंग स्टेशनों का विकास भी शामिल है। दिल्ली की वर्तमान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि यमुना में गिरने वाले 22 बड़े और 200 छोटे नालों का ड्रोन और भौतिक सर्वेक्षण पूरा हो चुका है, जिससे सफाई प्रक्रिया में तेजी आएगी।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने यमुना सफाई के लिए 2,000 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की थी, लेकिन पिछली आम आदमी पार्टी (आप) सरकार ने इसका पूरा लाभ नहीं उठाया। अमित शाह ने अपने संबोधन में पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और आप सरकार पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि केजरीवाल ने यमुना साफ करके उसमें डुबकी लगाने का वादा किया था, लेकिन न तो वादा निभा पाए और न ही नदी की हालत सुधरी।
शाह ने हास्य के साथ जोड़ा, “उनके कटआउट को प्रदूषित पानी में डुबोया गया, तो वह भी अस्पताल पहुंच गया।” उन्होंने आप सरकार को ‘आपदा सरकार’ करार देते हुए आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार और विज्ञापनों पर फिजूलखर्ची के कारण सफाई कार्य ठप पड़ा रहा।शाह ने एक रोचक संयोग का जिक्र किया कि यमुना के किनारे स्थित सभी राज्यों उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और दिल्ली में वर्तमान में भाजपा की सरकारें हैं।

इससे नदी को प्रयागराज तक प्रदूषण-मुक्त करने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। उन्होंने पीएम मोदी का हवाला देते हुए कहा कि मोदी ने उच्च-स्तरीय बैठक में अधिकारियों की लागत संबंधी चिंताओं को खारिज करते हुए निर्देश दिए, “पैसे की फिक्र न करो, भ्रष्टाचार मिटाने और विज्ञापनों पर खर्च घटाने से यमुना खुद शुद्ध हो जाएगी।” यह पहल न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम है, बल्कि दिल्लीवासियों के स्वास्थ्य और जीवन स्तर को बेहतर बनाने का वचन भी है।
रेखा गुप्ता ने इसे अपनी सरकार की ‘सेवा प्रतिबद्धता’ की शुरुआत बताया और आश्वासन दिया कि आगे और परियोजनाएं लाई जाएंगी। हालांकि, आप पार्टी की ओर से अभी कोई प्रत्यक्ष प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन विपक्ष इसे चुनावी वादा करार दे सकता है। कुल मिलाकर, यह घोषणा यमुना के लंबे संघर्ष को समाप्त करने की उम्मीद जगाती है, बशर्ते कार्यान्वयन में कोई ढिलाई न हो।








